कार्यक्रम के उद्घाटन के लिए कई दिन से कबूतर पकड़ने का प्रयास हो रहा था पर आयोजकों को सफेद रंग के चाहिए थे। कबूतर पालक के यहां पहुँच कर बात की गयी। संविदा शर्तें तय हुई। कबूतर कार्यक्रम में उड़ाए गए शांति के पैग़ाम रूप में। भुगतान हुआ। कबूतर कुछ देर उड़ कर फिर अपने मालिक के यहां पहुँच गए। कार्यक्रम में मौजूद बच्चे समझने की कोशिश कर रहे थे शांति के अर्थ और आयोजक टेंट के पीछे किसी बात पर उलझे हुए थे।©
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