देह अवसान योगी का
योगी मामा नहीं रहे
बबल ने बताया
जब मैं बैठा था
पापा के पास
कुछ देर चुप्पी
छा गयी
मम्मी को बताने
की हिम्मत नहीं
जुटा पाया
पापा ने ही बताया
मैं खो गया
अतीत के
उन दिनों में
जो मैंने बिताये
योगी मामा के साथ
उदयरामसर ,गाँव
खेत , बीकानेर में
जब स्कूली टीम
में वॉली बाल टीम
के सदस्य बनकर
आए थे हनुमानगढ़
उनके साथ
सिनेमा देखने
और न जाने
कब-कब ?
क्यों झटके से
टूट जाते हैं
सब रिश्ते
जब राम अल्ला
जानते हैं
एक दिन
ये रिश्ते तोड़ने हैं
तो बनाते ही
क्यों हैं वे
ये रिश्ते?
1 टिप्पणी:
मार्मिक , भावपूर्ण रचना ...........
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