hit counter

yadavinod

पृष्ठ

सोमवार, 1 नवंबर 2010

देह अवसान योगी का
योगी मामा नहीं रहे
बबल ने बताया 
जब मैं बैठा था
पापा के पास
कुछ देर चुप्पी
छा गयी
मम्मी को बताने
की हिम्मत नहीं
जुटा पाया
पापा ने ही बताया
मैं खो गया
अतीत के
उन दिनों में
जो मैंने बिताये
योगी मामा के साथ
उदयरामसर ,गाँव
खेत , बीकानेर में
जब स्कूली  टीम
में वॉली बाल टीम
के सदस्य बनकर
आए थे हनुमानगढ़
उनके साथ
सिनेमा देखने
और न जाने
कब-कब ?

क्यों झटके से
टूट जाते हैं
सब रिश्ते
जब राम अल्ला
जानते हैं
एक दिन
ये रिश्ते तोड़ने हैं
तो बनाते ही
क्यों हैं वे
ये रिश्ते?

1 टिप्पणी:

Amrita Tanmay ने कहा…

मार्मिक , भावपूर्ण रचना ...........