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yadavinod

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रविवार, 1 मार्च 2015

************पॉवर**********
सार्वजनिक पार्क की चारदीवारी के पास की झुग्गियों के कुछ नंगे कुछ  कई दिन से बिना नहाए और दिखने में गंदे बच्चे पार्क के पास ही की काबिज़ सड़क पर ही हो कर के अपने ईजाद किये खेल में व्यस्त थे। एक कुत्ता उधर से गुज़रा तो उन बच्चों में से दो तीन उस की ओर पत्थर का टुकड़ा लेकर लपके। कुत्ता पूंछ पिछले पांवों में दबा कर सुरक्षा की दृष्टि से उस दूकान की ओर लपका जहां वह अक्सर बैठा रहता क्योंकि दूकान मालिक उसे रोटी टूक दाल देता था। उसी मालिक ने देखा और ज़ोर से बच्चों पर चिल्लाया।
"ओये इसको क्यों मार रहे हो ? "
भौ भौ...कुत्ता बच्चों की तरफ़ झपटा।
यू टर्न अब कुत्ते के लेने की बारी थी। कुत्ते की गर्दन के आसपास के बाल खड़े थे और उस की दबी पूंछ झंडा बन चुकी थी। शायद ये समर्थन की पॉवर बोल रही थी उसमें©

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