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रविवार, 27 जून 2010

DELHI VISIT 2007

दिल्ली विजिट २००७
१८ अगस्त २००७
आज दिल्ली के लिए निकलना था |रजनीश के स्कूल जाते समय साथ ही लगेज वगैरह भेज दिया था | मैं साईकिल से बड़े घर आया |मनोज भाई ने अजय पाल और मुझे रेलवे स्टेशन छोड़ दिया |रेवाड़ी की दो टिकट ली| गोगामेडी स्टेशन पर बहुत भीड़  हो गयी | सांस आना मुश्किल हो गया | नरेश जोशी गाड़ी गार्ड थे | उनके डिब्बे में अजय और मैं आ गए | सादुलपुर में अजय उतर गया | उसने झुंझुनू जाने का विचार बना लिया | जब गाड़ी जैनाबाद पहुंची तो हनुमानगढ़ से लाया हुआ डिब्बा महावीर मामाजी को दिया जो पूर्व सूचना  के अनुसार रेलवे स्टेशन आ गए थे | ट्रेन चलते ही आज फिर से डॉ मामाजी का फोन आया और मुझसे पूछा कि मैं कहाँ हूँ ? मेरे थोड़ी देर में रेवाड़ी  पहुँचने का कहने पर उन्होंने मुझे कहा कि वे अलवर से रवाना हो चुके है और मैं उनसे शताब्दी एक्सप्रेस पर मिल लूँ | मेरी ट्रेन ०७-३० लगभग रेवाड़ी आ गयी थी | शताब्दी एक्सप्रेस का पहुँच समय  देखा | नौ बजे का निर्धारित समय था | तब तक चाय पी ली और अलग-अलग एफ़ एम् स्टेशन  प्लेटफार्म की एक बेंच पर बैठकर-लेटकर सुने | गाड़ी लगभग सही समय पर रेवाड़ी आ गयी | मामाजी इंजन के साथ लगते पहले ए सी कोच के दरवाजे पर खड़े मुझे देखने की कोशिश कर रहे थे | मामाजी ने कहा आ जा | मैंने कहा मेरे पास आगे की टिकट नहीं है उन्होंने कहा अलवर से तेरी सीट बुक है | फर्स्ट क्लास ए सी चेयर कार  डिब्बे में पहली बार वो भी वी आइ पी सफ़र कर रहा हूँ ,मामाजी [अलवर सांसद] के साथ |डिब्बे में ही भोजन , सूप, इत्यादि हो गया | दिल्ली कैंट उतरे | मामाजी की क्वालिस स्टेशन की पार्किंग में थी | मामाजी के पी ए जीतेन्द्र ,जो ट्रेन में साथ ही था से मामाजी ने गाड़ी चलवाई | उनके अनुसार वह नया है और उसे दिल्ली में गाड़ी चलाने की प्रक्टिस ज़रूरी है | मामाजी के फ्लैट सी-६ ब्लोक ए ,मल्टी स्टोरी फ्लेट्स पहुँचते ग्यारह के करीब हो गए थे |

१९-८-२००७

मोबाईल पर एफ़ एम् चलाये  | प्राणायाम किया |मामाजी मुझे ताल कटोरा पार्क ले गए वहां आई पी एस किरण बेदी को भी वाक  पर देखा जब वे पास से गुज़रीं |न जाने मामाजी के मन में क्या आई उन्होंने मुझे कार  ले ही लेने का बोला अपनी रीपेमेंट किस्तों के अनुसार |मामाजी के साथ बात की और उन्हें सभी कागज-प्रमाण पत्र  दिखाए | मामाजी ने हरियाणा  सी एम् के ओ एस  डी डॉ के वी सिंह से बात की | उन्होंने आई आई एम् सी के पूर्व  निदेशक डॉ जसवंत सिंह यादव से भी बात की |मामाजी के साथ ग्यारह बजे गाँधी शांति प्रतिष्ठान के लिए  निकले  जहाँ फ्रीडम फाइटर शांति स्वरूप डाटा के  ९२ वें जन्मदिन पर कार्यक्रम था | स्वामी  अग्निवेश , मामाजी ,डाटा जी एवं अन्य ने संबोधित किया | इसके बाद लंच में स्वामी अग्निवेश से बात की और उनसे हुई जोगिन्दर भाईसाहब के यहाँ कुरुक्षेत्र में फरवरी १९८७  में  पहली मुलाकात के बारे में याद दिलाया |उन्होंने भी भाई साहब के बारे में थोड़ी बात की तो मैंने  सम्बन्ध बताया | उसके बाद मामाजी ने मुझे इंटरव्यू स्थल छोड़ा |हालाँकि आल इंडिया  यूनिवर्सिटी हाउस ढूंढ़ने  में खासी दिक्कत आई और मामाजी जो खुद ही ड्राइव कर रहे थे, ए सी गाड़ी में भी पसीने से लथपथ हो गए थे |आखिर में यू जी  सी के रिसेप्शन से एक जेंटल मैन  ने डेस्टिनेशन बताया | तब तक ढाई बज चुके थे  | मामाजी मुझे छोड़ कर निकले और जैसे ही मैं कैम्पस में घुसा तो पूछताछ पर पता चला कि इंटरव्यू का स्थान बदल कर कॉपरनिकस मार्ग पर हरियाणा भवन कर दिया गया है | मैंने मामाजी को फोन कर तंग करना उचित नहीं समझा और हरियाणा भवन के लिए सी एन जी ऑटो रिक्शा लिया | उपस्थिति हस्ताक्षर किये | अपनी बारी के लिए शाम पांच बजे तक इंतजार किया | मेरा रोल नम्बर ४४ था | एक बार फिर आठ अंक ने मेरी जिंदगी में अपनी उपस्थिति दर्शायी | मुझे इंटरव्यू बोर्ड के व्यवहार से ऐसा लगा जैसे उन्होंने किसी का चयन कर लिया है  |क्योंकि लगभग पांच मिनट बाद मुझे धन्यवाद बोल दिया गया |वहां से पैदल ही मामाजी के फ्लैट आया | रास्ते में एक गुरुद्वारा से गुड्डू के लिए कड़ा लिया |थकान बहुत हो गयी थी |मामाजी मुझे इंटरव्यू के लिए छोड़ कर बहरोड़ के लिए निकल गए थे| देर रात्रि वे आए| और सुबह वीरभूमि[कल राजीव गाँधी की जयंती है] के लिए चलने के लिए तैयार रहने और सुबह जल्दी उठने का कहकर सोने गए |

२०-८-२००७

सुबह वीरभूमि मामाजी के साथ गया |राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, पी एम् ,सोनिया गाँधी आदि-आदि लगभग सभी वी आई पी को निकट से देखा |वापसी के बाद मामाजी ने किसी न्यूज़ चैनल पर किशनगढ़[अलवर] में बी.एड  में पढ़ रही १२ लड़कियों के रोड अक्सिडेंट में मरने  की खबर देख ली तो उन्होंने कहा कि वे आज संसद नहीं जायेंगे |पहले मेरे संसद की कार्यवाही देखने के कार्यक्रम के सम्बन्ध में वे ऐसा बोले |उन्होंने मेरे लिए तैयार एंट्री पास मुझे दिया और आवश्यक निर्देश दिए | जीतेन्द्र और मैंने मामाजी को शोक स्थल जाने वाली बस में चढ़ाया और वापसी में मुझे जीतेन्द्र ने संसद में लोकसभा की कार्यवाही देखने  के लिए छोड़ दिया | दोपहर १२ से एक बजे तक की कार्यवाही देखने के लिए पास में निर्धारित समय था | उसके बाद मेट्रो  ट्रेन का सफ़र कर देखा | जीतेंद्र के साथ पहले सब्जी लाने फिर रात को शताब्दी ट्रेन पर मामाजी को लिवा लाने गए | मामाजी बहुत थके हुए लग रहे थे | जैसा कि मामाजी ने बताया कि वे सभी मृतक लड़कियों , ड्राइवर और लेक्चरर के  घर या अंतिम क्रिया में जाकर आए हैं |

२१-८-२००७

मैं एफ़ एम् सुन रहा था कि मामाजी आए और घूमने जाने को बोला | आज वे मुझे लोधी गार्डन दिखाने ले गए |वापस आकर इंटरनेट पर सर्फिंग की | मामाजी ग्यारह के करीब लोक सभा गए लेकिन जल्दी ही वापस आए और बताया कि  दो   बजे तक हाउस  अडजर्न   हो गया है | मामाजी ने कहा कि यदि लोकसभा नहीं चलती है तो वे एक टी वी स्टूडियो  चलेंगे |  बाद में वही हुआ और लोकसभा कल तक के लिए स्थगित हो गयी | M H 1- NEWS  चैनल की कैब वैन  आई |उसमे मामाजी के साथ करीब ०३-४५ पर चैनल के स्टूडियो पहुंचे| यह आजादपुर में है |वहां इसके जी  एम् महेंद्र बाठला के साथ रिसेप्शन में कॉफ़ी पी |इसके बाद पांच बजे की न्यूज़ में मामाजी के साथ बातचीत का सीधा प्रसारण होना था | इसलिए स्टूडियो में गए| मैं भी कैमरामन की साइड एक चेयर पर बैठ गया और समाचारों में  बातचीत का लाइव टेलेकास्ट देखा | वापस आकर गेस्ट अटेंड किये | मामाजी को मैंने सुबह की ट्रेन से जाने का बोला |उन्होंने साथ बैठकर लगभग एक घंटा बात की | बातें करते -करते बहुत भावुक हो गए थे वे | रौ में बहकर वे बातें कर गए जो अमूमन मुझ से करते नहीं हैं | मम्मी के लिए साड़ी और मिठाई वगैरह भी मुझे संभलवा दी |
२२-०८-२००७
सुबह तीन बजे का अलार्म लगाया | तैयार हुआ | जीतेंद्र को उठाया जो मुझे क्वालिस में कैंट स्टेशन तक छोड़ने आया | टिकट विंडो पर हनुमानगढ़ का ही रहने वाला पुराना जानकर लड़का बैठा था |ज्यादा भीड़ नहीं थी तो आराम से टिकट लेकर प्लेटफार्म पर आ गया | रेवाड़ी से पहले ही थोडा उजास हो गया था | रेवाड़ी में ट्रेन बदली | सादुलपुर के बाद रुक-रुक कर बरसात होती रही |शाम को लगभग पांच बजे ट्रेन हनुमानगढ़ पहुंची |

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